इतने कांटे पाए हैं…..

इतने कांटे पाए हैं मैंने राहों में ,
कि फूलों की चाह ना रही ।
इतने रास्ते बदले हैं मैंने पल-पल ,
कि मंजिल की चाह ना रही।

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Responses

  1. एक अच्छे काव्य की एक विशेष विशेषता होती है कि जो भी पाठक उसे पढ़ें ,वो पंक्तियां उसे अपने वजूद पर महसूस हो , उसे अपनी भावनाएं महसूस कराएं,
    वह बात आपकी रचनाओं में है ऐसे ही लिखते रहें
    बहुत सुंदर पंक्तियां

  2. मंज़िल उन्ही को मिलती है जिनके सपनो में जान होती है,

    पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है !

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