इश्क

तुम्हारे प्यार में मैं क्या से क्या हो गया,
कभी मिट्टी का दीया कभी मटका बन गया,
जब देखा तुम्हारो हाथों में गैर का हाथ।
मैं फौलादी मिट्टी का इंसान टूट कर बिखर गया।।

महेश गुप्ता जौनपुरी


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5 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 11, 2020, 6:33 am

    Nice

  2. Satish Pandey - July 11, 2020, 8:05 am

    सुंदर

  3. Abhishek kumar - July 11, 2020, 10:52 am

    😃😃😃😃👌👌

  4. Abhishek kumar - July 31, 2020, 1:39 am

    देश अंदर व्यंग किया है

  5. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 4:09 pm

    बहुत खूब

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