एक माँ ही तो है

एक माँ ही तो है
जिसने मुझसे और मैंने उससे
बिना एक दूजे को देखे बेपनाह प्रेम और साथ निभाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने मेरे बिना कुछ बोले मेरी हर एक बात को समझ अपनाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने हर पल मुझे सबकी बुरी नज़रों से तिलक लगाकर बचाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने मुझे तपती धूप में भी भोजन बनाकर मेरा पेट भरवाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने हर पल, हर क्षण मेरा साथ बिना किसी स्वार्थ निभाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने मुझे इस जीवन में लाकर मुझे ये दुनिया देखने का अवसर दिलवाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने हर तकलीफ से मुझे निकलने का सही मार्ग दिखलाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने मुझ पर हमेशा ही आँख मूँद कर विश्वास अपना जताया है।

एक माँ ही तो है
जिसने मुझे संस्कारों की छाँव में पाल पोस एक अच्छा नागरिक बनाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने कभी न हार मानने की सीख दे कोशिश करना सिखलाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी डट कर खड़े रहना बतलाया है।

एक माँ ही तो है
जिसने अपना सम्पूर्ण जीवन अपने बच्चों और परिजन पर न्योछावर कर डाला है।

एक माँ ही तो है
जिसके होने से हमसे इस जग में अपना नाम कमाया है, अपना नाम कमाया है, अपना नाम कमाया है।

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