कभी-कभी

कभी -कभी तो आते हैं
तुमसे मिलने!
यूँ मुँह ना फेरो हमसे
रूठे हो तो रूठे रहो
नज़रें तो मिलाओ हमसे।
इतना गुस्सा भी ठीक नहीं साहिब!
यूँ मलाल लिये बैठे हो
सज़ा देनी है तो दे देदो मगर
खता क्या हो गयी है ये तो बताओ हमसे।


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8 Comments

  1. Kanchan Dwivedi - February 10, 2020, 11:48 pm

    Wah

  2. Priya Choudhary - February 11, 2020, 11:06 am

    Nice 👏👏

  3. NIMISHA SINGHAL - February 11, 2020, 1:02 pm

    Khub likha

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - February 11, 2020, 8:23 pm

    Nice

  5. Anita Mishra - February 13, 2020, 9:59 am

    सुंदरतम है

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