कवि का हाल

कैसे बताएं दर्द का आलम क्या होता है
लिखने के लिए कवी खुद को कितना नोचता है
रचना शुरू होती है कलम की नोक से
और अंत पूर्ण विराम (!)पर होता है.

घिस घिस कर जब कलम को हम
हाल-ए-दिल अपना लिखने लगते हैं
दर्द मुझे होता है और जाने क्यों?
आँसू दूसरों की आंखों से बहने लगते हैं.

हौसला टूटने की बात कहूं तो लोग
सूखी टहनियों की तरह टूट कर बिखरने लगते हैं
टूटते हैं हम आईने की तरह
और लोग टूटे टुकड़ों को समेटने लगते हैं.

जोकर की तरह खुशियाँ बखेर दूँ तो
लोग खिलखिला कर हंसने लगते हैं
उन्हें खुश करने के लिए कलम की नोक तोड़ दूं तो
कवी पैदा होने में कई जमाने लगते हैं.

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

अपहरण

” अपहरण “हाथों में तख्ती, गाड़ी पर लाउडस्पीकर, हट्टे -कट्टे, मोटे -पतले, नर- नारी, नौजवानों- बूढ़े लोगों  की भीड़, कुछ पैदल और कुछ दो पहिया वाहन…

Responses

New Report

Close