कहां जाओगे

दस्तकश कहां जाओगे।
क्या मुझे भूल पाओगे।

मैं तो तुम्हारी आदत हूं,
क्या आदत बदल पाओगे।

ख्वाब में मैं, जेहन में मैं,
हर-शू मुझे हर पल पाओगे।

इतना आसां नहीं भूल पाना,
बगैर मेरे संभल पाओगे।

दिल से ‘देव’ पुकार तो लो,
आज पाओगे, मुझे कल पाओगे।

देवेश साखरे ‘देव’

दस्तकश- हाथ छुड़ा कर


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12 Comments

  1. राम नरेशपुरवाला - September 11, 2019, 3:37 pm

    वाह

  2. Ashmita Sinha - September 11, 2019, 3:52 pm

    Nice

  3. Poonam singh - September 11, 2019, 4:34 pm

    Nice

  4. nitu kandera - October 12, 2019, 9:58 am

    Nice

  5. Abhishek kumar - December 23, 2019, 10:10 am

    Superb

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