कितने कोरे कागज….

कितने कोरे कागज रंग डाले,
तुम्हारे लिए।
फिर भी ना कह पाए,
जो कहना था….


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18 Comments

  1. Geeta kumari - September 21, 2020, 12:31 pm

    बहुत ख़ूब

  2. Pragya Shukla - September 21, 2020, 2:52 pm

    हमे बताओ हम कह दें…
    बहुत प्यार भरी रचना है

  3. Praduman Amit - September 21, 2020, 7:19 pm

    कोरे जीवन में कोरे कागज ही रहने दो।
    कहना मना है क्योंकि यहाँ हर रंग बेरंग है।।

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 21, 2020, 10:35 pm

    सुंदर

  5. Rishi Kumar - September 21, 2020, 11:14 pm

    👌👌

  6. Deep Patel - September 22, 2020, 10:01 am

    Bahut khud

  7. मोहन सिंह मानुष - September 22, 2020, 1:18 pm

    बहुत खूब

  8. Pushpendra Kumar - September 30, 2020, 10:26 pm

    बहुत उम्दा

  9. Anonymous - September 30, 2020, 11:48 pm

    Bahot sahi

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