“किताब” #2Liner-3

ღღ__हम वो किताब थे “साहब”, जो कभी पढ़े ही नहीं गए;
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काश, हमपे भी नक़ाब-ए-जिल्द, अच्छी चढ़ी होती !!…….‪#‎अक्स‬

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