कॉलेज का पहला दिन !!(भाग1)

कॉलेज का पहला दिन था थोड़ी देर से गई
क्लास में जाकर बैठी,शिक्षाशास्त्र पढ़ाई जा रही थी ।
सब मुझे देख के अचंभित थे।बहुत सवाल थे सबके मन में..टीचर के जाते ही सबने मुझे आ घेरा।बारी- बारी से सवाल पूंछने लगे। मुझे लाज़ आ रही थी,इतने लोगों के बीच। मैने किसी से दोस्ती नहीं की,सब मुझे बहुत पसंद कर रहे थे। एक लड़का देखते ही जा रहे था कुछ बोल नहीं रहा था ।मेरी निगाहें कई बार उस पर गई।वो पढ़ने में बहुत अच्छा था,हर सवाल का जवाब दे रहा था ।मेरे ह्रदय से आवाज आई:-काश ये परीक्षा में मेरे पास बैठता..मै घर आ गयी ।परीक्षा थी मैं अपना रोल नंबर ढूंढ़ कर बैठी ..डर लग रहा था । सामने से आवाज आई-तुम किस कॉलेज से हो?मैने जवाब दिया,फिर उस लड़के ने पलट के देखा ।
अरे ये क्या! ये तो वही लड़का था । शायद मेरी दुआ मंज़ूर हो गई थी । उसने मुझसे कहा:-जो आता हो दिखा देना।हम्म्म्म मैने कहा।हम दोनों ने एक-दूसरे की सहायता की ।
अच्छे ंनंबर आये।(अगला भाग फिर कभी)

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