कोरोना मार भगाना है

कुछ दिन रहेंगे
घर में आइशोलेट।
नहीं करेंगे बाहरी दुनिया से हम भेंट।।
मुख पर मास्क हाथ दस्ताना।
फिर भी नहीं कोई हाथ मिलाना।
धोओ हाथ करो सेनेटाईजर।
हल्दी तुलसी सेवो अक्सर।।
सूझबूझ और धैर्य से रहकर
खुद को कोरोना से बचाना है।
अपने संग-संग निज समाज
महामारी मुक्त बनाना है।।
स्वस्थ समाज और स्वस्थ राष्ट्र
दुनिया सुखी बनाना है।
‘विनयचंद ‘सब मिलकर मित्रों
कोरोना मार भगाना। है

Comments

5 responses to “कोरोना मार भगाना है”

  1. Anuj Jha

    Adbhut rachna

  2. Priya Choudhary

    Nice

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