कोरोना वायरस काल २०२०

कोरोना वायरस काल २०२०
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कोरोनावायरस दुनिया को अपने आगोश में लेता जा रहा था बात अप्रैल माह की कर रहा हूँ अप्रेल ० 1 की तरफ ध्यान दें तो लगभग 2361 लोग मरकज से निकले परंतु मरकज के लोग मात्र 1000 लोगों की मौजूदगी का दावा किया | कोरोना फैलने से रोकने के लिये उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में मरकज के तबलीगी जमात से शामिल होकर प्रदेश में लौटे लोगों की पहचान कर उनकी जांच करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया | मरकज और वहां से आए लोग पुलिस प्रशासन की बार-बार अपील के बाद भी जांच कराने से बचते रहे। पब्लिक में शामिल होने वाले परिवारों के लोगों को एक-एक घर का पता लगाकर कोरंटीन करना शुरू किया गया | केंद्र सरकार में जनता के हित के लिये पार्सल ट्रेन चलानी शुरू की जिससे खाद्यान्न, दवा, स्वास्थ्य उपकरण को यथा स्थान आवश्यकतानुसार पहुंचाया जा सका | सरकार ने राशन का वितरण कोटेदारों के माध्यम से करना शुरू किया| गरीबों को फ्री राशन वितरण किया जाने लगा | लाग डाउन का प्रभाव नदियों के जल स्तर पर भी पड़ा| नदियों का जल जलस्रतर स्वच्छ होने लगा | जिसे वैज्ञानिकों ने भी इसे स्वीकारा | जिन फैक्ट्रियों से नदियों में प्रदूषण फैल रहा था उन फैक्ट्रियों के बंद होने से नदियां स्वच्छ होने लगीं | मगर विकराल महामारी से मरने वालों की देश- विदेशों में संख्या बढ़ने लगी कहीं-कहीं तो उन्हें जलाने- दफनाने के लिए मदद में रिश्तेदार भी नदारद दिखे।
वायरस की महामारी का ठाव
गरीबी उन्मूलन में ब ढे पांव
अर्थव्यवस्था गिरा धाय
दुनिया में हुआ गांव गांव।
भोजन राशन बांटने वाले लोगों का जमावड़ा होने लगा | जो जमावड़ा बड़ा आगे आये लोगों में अधिकतर को तो जिसे एक-दो दिन देखा गया वे फोटो खिंचवा कर लोग अपना नाम मीडिया सोशल मीडिया में प्रमुखता से दर्ज कराने की होड़ में लगे दिखे | कुछ लोग दो – चार दिन राहगीरों को मदद दी | इसी बीच शासन के निर्णय पर थाना और पुलिस चौकियों से भोजन और अन्य राहत सामग्री बांटने का निर्णय लिया गया। जो अनवरत चलता रहा | कोरोना वायरस से निपटने के लिए सरकार ने कमर कस ली |
भारत के प्रधानमंत्री सभी दलों से सभी मुख्यमंत्रियों से और सचिवों से बैठक का राहत के लिए निर्णय लेते रहे| बैठकें कीं | सांसद वेतन कटौती का अध्यादेश आया | अध्यादेश को मंजूरी मिली | राष्ट्रपति- मंत्री -प्रधान मंत्री , सांसद तक का 30 परसेंट वेतन कम कर दिया गया और सांसद निधि भी अस्थाई रूप से स्थगित कर दी गई| राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने- अपने राज्यों में भी इसी तरह का आदेश पारित किया | विदेशों में तो जंगली जानवर भी कोरोना से प्रभावित होने लगे जिसे ज्ञात होते ही भारत में चिड़िया घरों की जांच के लिए आदेश दिया गया | उन्हें सुरक्षित रहने की व्यवस्था दी गई | सुबह – शाम मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों पर नजर रखी जाने लगी| बाहर निकलने पर रोक लगने लगी | वाहनों के दस्तावेज की समय सीमा जून तक बढ़ा दी गई| प्रधानमंत्री के आदेश से कंपनियां अपने कर्मचारियों को 3 महीने का वेतन देना शुरू किया | किरायेदारों का किराया मकान मालिक छोड़ना शुरू किये | तंबाकू बिक्री पर सरकार ने रोक लगा दिया | बड़े हॉस्पिटल – सरकारी हॉस्पिटल ऑनलाइन मरीजों को सलाह देना शुरू कर दिया | ऐसे समय में सोशल मीडिया ने जनता का भरपूर सहयोग – सहायता किया | दुनिया में लागडाउन में सोशल मीडिया पर लोग ज्यादा से ज्यादा काम करते देखे गये | बुद्धिजीवियों ने पुस्तकों का अध्ययन किया | पुस्तकों का अध्ययन – अध्यापन किया | प्रधान मंत्री केयर फंड में लोगों ने दान लेना शुरू किया | काफी दान इकट्ठा हुआ वही टुकड़े-टुकड़े दलों ने सहयोग में आगे आने से मना किया | एक पूर्व मुख्यमंत्री ने चैनल पर ही प्रधानमंत्री केयर फंड में दान करने से इनकार किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और तो और केयर फंड की जांच की मांग उठा ली।
ब्रिटेन, स्पेन और फ्रांस में घरेलू घरेलू हिंसा पाँव पसारना शुरू कर दिया | घरेलू हिंसा की शिकायतें बढ़ने लगी | इटली में धीरे-धीरे हिंसा के मामले बढ़ते गये अमेरिका सहित दुनिया के अन्य देशों के लीग अपने देश जाने से इनकार करने लगे| अमेरिकियों से भारत में बात करने पर केवल एक परसेंट ही अमरीकी अमेरिका जाना चाहते थे | महामारी से बेरोजगार होने वाले लोगों की संख्या , संयुक्त राष्ट्र संघ ने 40 करोड़ ,केवल भारत में ही रोजगार जाने की आशंका जाहिर की।
भारत में कोरोनावायरस का इलाज करने वाले और सुरक्षा में लगे लोगों के मनोबल को बढ़ाने के लिए तरह तरह के उपाय सुझाए गये | संपूर्ण जनता ने दीप जलाया ताली- थाली बजाई जगह-जगह जय जय कार के नारे लगे| ड्रोन और हवाई जहाजों के माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों – पुलिसकर्मियों पर फूल बरसाये गये | महामारी से बचाव के लिए सैनिटाइजेशन तनल लगने लगे | मशीनों का निर्माण भारत में होने लगा| डॉकिया पोष्टाफिस से घर तक रुपए पहुंचाने लगे | जर्मनी अमेरिका सहित दुनिया के देशों में भारतीय प्रवासी बुद्धिजीवी, भारत में भारतीयों को सलाह मशविरा देने लगे | विश्व जिस वायरस से जूझ रहा है उससे बचाव के उपाय सुलझाने लगे| लोग पशु- पक्षियों को भी दाना- पानी देने लगे|
उन्हीं दिनों वही नेपाल के रास्ते से जालिम मुखिया नाम का एक व्यक्ति भारत में कोरोना फैलाने के लिए नेपाल के रास्ते से 50- 50 संक्रमितो भारत में भेजना शुरू कर दिया | जिसकी सूचना पुलिस को मिलने पर पकड़ लिया गया | बैंकों ने केवल पैसे का लेन – देन कुछ कर्मचारियों के माध्यम से करने लगे | मास्क सेनेटाइजर , वेंटिलेटर कीटस भारत में बनने लगे| आज भरपूर मास्क वेंटिलेटर भारत में बन रहे हैं| उद्योग से व्यापारी उक्त सामानों को विदेश भेजने की मांग उद्योगपति करने लगे| कोरोना वायरस से जंग जीतने के तौर तरीके प्रधानमंत्री न्यूज़ चैनल, प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को बताने लगे | डॉक्टर – वैज्ञानिक- कवि- लेखक- बुद्धिजीवी अपने-अपने माध्यम से लोगों तक सूचना पहुंचाने लगे | महामारी से दुनिया में और भारत में भी कोरोनावायरस से काफी लोग मारे गये | इस बीच संयुक्त राष्ट्र संघ महासचिव ने महामारी से निपटने की कोशिशों में महिलाओं पर ज्यादा ध्यान देने की बात की।जननी की रक्षा भारत का प्रथम कर्तब्य है ही |
पुलिस प्रशासन ने इस संकट की घड़ी में बहादुरी का परिचय दिया भारत के साथ साथ विदेशों में विदेशी पुलिस कर्मियों ने भी बहादुरी का काम किया| पुलिस कर्मी स्वास्थ्य कर्मी शासन- प्रशासन 24 घंटे ड्यूटी पर रहकर लोगों की मदद करने लगे रहे | स्वास्थ्य कर्मी भी अपना जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी | ड्यूटी पर लगे रहे । एक रचना प्रस्तुत –
हिम्मत दिखाने वालों पर सदा भारत नाच करता,
मातृत्व अवकाश ठुकराकर हालत पर निगाह रखती
ऐसे देश प्रेमी नारी से दुनिया से दुनिया सीख लेती।
कर्नाटक, जंबू ,आंधरा , महाराष्ट्र सहित तमाम राज्यों में पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले किए गये हमलावर ज्यादातर तबलीगी जमात के थे अथवा उनके समर्थक ही रहे | उन लोगों पर प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है | प्रशासन बराबर निगाह रखे हुए हैं। कोरोना काल में –
पौष्टिक आहार पर रखना होगा ध्यान,
खान-पान से ही होगा लोगों का कल्याण।
हां शक्ति बढ़ाने के लिए योग जरूरी,
प्रोत्साहन देने से होगी दूर मजबूरी।
कोरोना लड़ाई तक परिवार से रखे दूरी,
दोस्त रूप में ईश्वर करेगा आवश्यकता पूरी।
राष्ट्र की सांस्कृतिक एकता बहुत जरूरी,
भारतीय अखंडता से दुनियां की घटी दूरी।|
– सुखमंगल सिंह ,अवध निवासी


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13 Comments

  1. Pragya Shukla - June 27, 2020, 4:25 pm

    🤯🤯🤯

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 27, 2020, 9:18 pm

    Good

  3. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:07 pm

    धन्यवाद

  4. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:23 am

    आपने बिल्कुल सही कहा और सटीक जानकारी दी

  5. Satish Pandey - July 31, 2020, 1:05 pm

    bahut khoob

  6. Satish Pandey - July 31, 2020, 1:05 pm

    ati sundar

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