,,,,,,क्या कम है (कविता) Independence day
कौन कहता है हमारे वतन में, प्रेम की गंगा नहीं बहती है।
हिमालय से गंगा, यमुना, और सरस्वती के मिलन ए क्या कम है?
यही वो देश है जो कभी, सैकड़ों सपूतो ने लिया था जन्म।
देश पर हो गये थे सभी कुर्बान,उनकी कुर्बानी की दास्तां अन्य दास्तां से कम है?
हमारा आन तिरंगा बान तिरंगा शान तिरंगा ,
तीन रंगो में लिपटी हमारी धरती माता, यही रंग भारत को
भाता ,कितना मनोहर कितना प्यारा, यह तीन रंगा किसी अन्य रंग से कम है ?
आजादी बनी हमारी एकता की निशानी,हिंदु मुस्लिम सिख ईसाई, सभी को था आजादी प्यारा, बड़े ही लगन से देश में नया प्रभात उगाया, उन सभी के लगन अन्य लगन से कम है।
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.