क्या लीजिएगा

कहिए हुज़ूर और क्या लीजिएगा।
दिल तो ले चुके अब जाँ लीजिएगा।

तुम्हें हमसे मोहब्बत है या फिर नहीं,
फैसला जो भी लो बजा लीजिएगा।

मेरी ज़ुबाँ पर बस एक तेरा ही नाम,
नाम मेरा भी तेरी ज़ुबाँ लीजिएगा।

डूब ना जाऊँ कहीं गम के पैमाने में,
जाम आँखों से छलका लीजिएगा।

खो ना जाऊँ ज़हाँ की भीड़ में कहीं,
अपनी आगोश में समा लीजिएगा।

‘देव’ जीना मरना रख छोड़ा हाथ तेरे,
गर साथ जीना हो तो बचा लीजिएगा।

देवेश साखरे ‘देव’

बजा- ठीक,


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

18 Comments

  1. Reema Raj - December 21, 2019, 12:59 pm

    वाह

  2. Pragya Shukla - December 21, 2019, 1:00 pm

    देर आये दुरुस्त आये

  3. Pragya Shukla - December 21, 2019, 1:00 pm

    अति सुंदरम

  4. Amod Kumar Ray - December 21, 2019, 1:11 pm

    मस्त

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 21, 2019, 2:08 pm

    अतिसुंदर भाव

  6. Reema Raj - December 21, 2019, 3:56 pm

    Sundar

  7. Abhishek kumar - December 21, 2019, 5:01 pm

    Good

  8. Abhishek kumar - December 21, 2019, 10:07 pm

    Superb

Leave a Reply