गलतफहमी

बारह वर्ष की बब्ली कोचिंग पढ कर घर आयी। वह चुपचाप अपने कमरे में जा कर रोने लगी। जब बब्ली की माँ को पता चला कि, बब्ली अपने कमरे में रो रही है। वह दौड़ती हुयी बब्ली के पास आयी –“क्या बात है बेटी। किसी ने कुछ कहा क्या “?बब्ली रोती हुयी –“मम्मी ।कोचिंग के सर आज मुझे क्लास के अन्दर जाने नहीं दिया।
वे सब कहते है कि, तुम्हारे पापा बाहर से आए है। हो सकता है वह कोरोना के चपेट में हो “।मम्मी –“बेटी। कोरोन्टाईन सेंटर में तुम्हारे पापा चौदह दिन रह कर आए है। अगर बिमारी होता तो क्या वो घर आ सकते? “कल तुम अपने पापा के कोरोन्टाईन के प्रमाणपत्र अपने सर को दिखा देना। दूसरे दिन बब्ली ने वैसा ही किया। जब कोचिंग के सभी शिक्षकों को पता चला तो सभी अपनी गलती को स्वीकार किया। बब्ली को अन्य छात्रों व छात्राओं के संग बैठ कर पढने का अवसर पुनः प्राप्त हुआ।

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Responses

New Report

Close