सोचा था किसने सिला यूं मिलेगा।
मुहब्बत में मुझको गिला यूं मिलेगा।।
कसमे वफा को जो तोड़ जाए
तड़पते हुए दिल जो छोड़ जाए
सह न सके जो हवा का एक झोंका
कागज का मुझको किला यूं मिलेगा।। मुहब्बत में….
गिला यूं मिलेगा
Comments
7 responses to “गिला यूं मिलेगा”
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वाह वाह!
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बहुत बहुत धन्यवाद
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वेलकम
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Nice
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Wah
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सुन्दर
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अति सुन्दर
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