घरोंदा

उड़ने नहीं दोगे आज तो कल उड़ना भूल जाएंगे,
परिंदे अपनी ही शाख से मिल जुलना भूल जाएंगे,

घर बनाने के हुनर के साथ जो पैदा हुए हैं बन्दे,
गर पिंजरे में बन्द रहे तो घरोंदा बुनना भूल जाएगे।।

राही अंजाना

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19 Comments

  1. nitu kandera - November 14, 2019, 10:50 pm

    Nice

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 15, 2019, 7:34 am

    Nice

  3. देवेश साखरे 'देव' - November 15, 2019, 11:30 am

    वाह

  4. Poonam singh - November 15, 2019, 2:42 pm

    Nice

  5. Ashmita Sinha - November 16, 2019, 12:16 am

    Nice

  6. NIMISHA SINGHAL - November 16, 2019, 12:52 am

    Wah

  7. Neha - November 18, 2019, 8:13 pm

    Waah

  8. Abhishek kumar - November 23, 2019, 10:36 pm

    क्या बात है

  9. Pragya Shukla - December 10, 2019, 11:01 am

    वाह

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