ज़िन्दगी एक पहेली

************ हास्य रचना*********
एक सखी ने पूछा वॉट्सअप पर दूजी से,
क्या चल रहा है ज़िन्दगी में…
दूजी वाली बोली…
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पहली ने कहा, ये क्या है,कुछ समझ नहीं आया..
दुजी वाली बोली, वो ही तो..
तुम्हें कैसे बताऊं, कैसे समझाऊं
समझ तो मुझे भी नहीं आया..

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Responses

  1. बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ, पंक्तियों ने मुस्कान ला दी। लाजबाब हास्य रचना गीता जी। केवल हास्य ही नहीं भाव पर जबरदस्त पकड़ है।

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