ज़िन्दगी से अनबन

ज़िन्दगी से आज मेरी, हो गई कुछ अनबन।
हमेशा अपनी कहती, कभी मेरी भी तो सून।

ना ही दौलत मांगा, ना ही चाही शोहरत कभी,
क्या मांगा तुझसे, बस पल दो पल का सुकून।

कर लो सितम मुझ पर, जितना तेरे हद में है,
ना हारा कभी मैं, ना ही हारने देगा मेरा जुनून।

तुने अकेला कर दिया, फिर भी ना कोई गिला,
मेरे चाहने वालों पर है, तुझसे ज्यादा यकीन।

देवेश साखरे ‘देव’


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18 Comments

  1. Abhishek kumar - December 13, 2019, 6:23 pm

    Nice

  2. Pragya Shukla - December 13, 2019, 6:24 pm

    Good

  3. Pragya Shukla - December 13, 2019, 6:26 pm

    Good

  4. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 13, 2019, 7:51 pm

    Nice

  5. Amod Kumar Ray - December 13, 2019, 9:04 pm

    शानदार

  6. Pratishtha Shukla - December 14, 2019, 9:38 am

    Good

  7. King radhe King - December 14, 2019, 2:28 pm

    Waah

  8. Pragya Shukla - December 14, 2019, 3:10 pm

    Thanks

  9. Abhishek kumar - December 14, 2019, 5:58 pm

    सुन्दर रचना

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