“जाने दे!”

“जाने दे!”

ღღ__महज़ एक लम्हा ही तो हूँ, गुज़र जाने दे;
इस तरह तू जिंदगी अपनी, संवर जाने दे!
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ले चलें जिस डगर, दुश्वारियाँ मोहब्बत की;
मेरे महबूब अब मुझको, बस उधर जाने दे!
.
तुझे ठहरना है जिस ठौर, तू ठहर, जाने दे;
मुझे क़ुबूल है इश्क़ का, हर कहर, जाने दे!
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तू बोलता रहा, और मैं सुनता रहा, खामोश;
मुझे भी कहना है बहुत कुछ, मगर जाने दे!
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इससे पहले “अक्स”, तू अपना रास्ता बदले;
मैं ही मुड़ जाता हूँ, मेरे हमसफ़र, जाने दे!!….#अक्स
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6 Comments

  1. Sridhar - August 27, 2016, 3:36 pm

    Behtareen ankit ji…

  2. Deepa Singh - August 27, 2016, 3:56 pm

    nice one

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 9, 2019, 7:41 pm

    वाह बहुत सुंदर

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