तेरी खुबसूरती

तेरी कातिल निगाहें देखकर, मैं गज़ल पढ़ दूँ।
तेरी खुबसूरती पर क़सीदे, मैं हर पल गढ़ दूँ।
तेरी खुबसूरती अल्फ़ाज़ों की मोहताज़ नहीं,
गर तू कहे तो, तारीफों के चार चाँद जड़ दूँ।

देवेश साखरे ‘देव’

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11 Comments

  1. nitu kandera - November 12, 2019, 10:37 am

    Good

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 12, 2019, 12:58 pm

    Good

  3. NIMISHA SINGHAL - November 12, 2019, 4:04 pm

    Nice

  4. Poonam singh - November 12, 2019, 4:45 pm

    Bahut khub

  5. Abhishek kumar - November 24, 2019, 9:06 am

    कमाल

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