तेरी मुसकराती आँखों में

तेरी मुसकराती आँखों में सब कुछ दिखता है

इन मुस्कराहटों के पीछे भी कुछ दिखता है

दर्द जो छुपा बरसों से इनमें वोह दिखता हैं

इंतज़ार है इनको आज भी जिसका वोह दिखता है

                                                     …. यूई


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Poet, Film Screenplay Writer, Storyteller, Song Lyricist, Fiction Writer, Painter - Oil On Canvas, Management Writer, Engineer

Related Posts

आज कुछ लिखने को जी करता है

“ना पा सका “

“ना पा सका “

“मैं कौन हूँ”

“मैं कौन हूँ”

3 Comments

  1. Anushreee Sharma - April 10, 2016, 6:46 pm

    Nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 7:49 pm

    वाह बहुत सुंदर रचना

  3. Kanchan Dwivedi - March 9, 2020, 6:19 am

    Good

Leave a Reply