थोड़ा सा बस संभला हूँ

जन्मो जन्म राहें अपनी भटकाई मैंने

इसी लिए तो तेरी राह ख़ुद गंवाई मैंने

अब जाके कुछ थोड़ा सा बस संभला हूँ

सब सोचे छोड़ जब तेरे रंग में रंगला हूँ

                                    …. यूई

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Poet, Film Screenplay Writer, Storyteller, Song Lyricist, Fiction Writer, Painter - Oil On Canvas, Management Writer, Engineer

Related Posts

सुखद है मित्रों का संसार

प्यारे मित्रो

From Death 2 Life

तेरे न होने का वज़ूद

4 Comments

  1. Anushreee Sharma - April 10, 2016, 6:43 pm

    Achi laaene

  2. Panna - April 11, 2016, 4:42 pm

    umda!

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 7:48 pm

    वाह बहुत सुंदर

Leave a Reply