नारी की उपस्थिति

नारी की उपस्थिति भी अनुपम है,
आभास इसका नमक सम है
मौजूदगी किसी को नहीं पता चलती,
बस, गैर- मौजूदगी सदा खलती है ।

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Responses

  1. वाह वाह, नारी पथ का प्रकाश है। नारी के बिना अंधेरा है।
    बहुत ही सच्ची और लाजवाब पंक्तियाँ। लेखनी की सटीकता को सैल्यूट

    1. इतनी सुन्दर समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी🙏
      आपकी टिप्पणी हमेशा ही मेरी पथ प्रदर्शक हैं। बहुत बहुत आभार..

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