नारी तू अवतारी है

नारी तू अवतारी है देखने में तो एक है प्रतिक्षण रखती रूप अनेक है
हर सांचे में ढल जाती है पल मे मां पत्नी बहन बेटी बन जाती है।
तू त्याग की है मूर्ति समर्पण की प्रतिमूर्ति
हे सृजन शक्ति तू महान है
करते तुझको कोटि-कोटि प्रणाम है।

New Report

Close