पल दो पल

दो पल बैठो पास हमारे
ये पल यूँ ही गुजर जाएंगे

दो पल का है साथ हमारा
ये पल लौट कर ना आएंगे

दो पल तुमसे बात तो कर लूँ
ये पल पलकों में ही सिमट जाएंगे

दो पल के लिए भी तुम ना आए तो
ये पल तन्हाई में लिपट जाएंगे

दो पल खुशी के धीरे धीरे रे मना साथी
ये पल फिर कभी ना मिल पाएंगे।।


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9 Comments

  1. Rishi Kumar - September 16, 2020, 5:13 pm

    Vah vah sir👍
    👌👌👌✍

  2. Pragya Shukla - September 16, 2020, 5:14 pm

    पल दो पल की है ये जिन्दगी
    इस प्यार को हैं सदियां काफी नहीं

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 16, 2020, 5:33 pm

    Nice A1

  4. Dimpy Aggarwal2011 - September 16, 2020, 5:42 pm

    Thankuu

  5. प्रतिमा चौधरी - September 16, 2020, 5:53 pm

    बहुत सुंदर ग़ज़ल 👌

  6. Satish Pandey - September 16, 2020, 7:35 pm

    दो पल के लिए भी तुम ना आए तो
    ये पल तन्हाई में लिपट जाएंगे”
    वाह, बहुत खूब

  7. Geeta kumari - September 16, 2020, 8:36 pm

    वाह, बहुत ख़ूब

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