बेशकीमती है यह गहने

बैठा हूँ बीच बाज़ार, लेकर अपनी यादों को

बेशकीमती है यह गहने, इनका कोई मोल नही

आए वोह ले जाएँ मुझसे, बेमौल मेरी जागीरें को

वोह जो हो तपा वर्षो, मेरे जैसे दर्दो की अगन में

वोह जो हो ख़ुद में घुटा, ख़ुद के ही अंधेरों में

                                            …… यूई

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

करार

किसी की जीत या किसी की हार का बाजार शोक नहीं मनाता। एक व्यापारी का पतन दूसरे व्यापारी के उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।…

Responses

New Report

Close