भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |

भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |
जबले मिलिहे ना झुलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जबले बाजीना छम छम पयजनिया|
हम ना करबे रोपनिया ना |
हमसे हरदम सइया करेला बहाना |
अबले दिहला ना एकहू गहना |
चाहे बरसे झम झम पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जब जब जोतेला तू हरवा बइलवा|
रहिला हमहू हरदम सइया सांगवा |
टप टप चुये मोर दलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
नईहर के पावल अबले पहिनली |
दुई गो गहनवा बलाए सहेजली |
बिया पियरईहे चाहे बरसे पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
चाहे जेतना मनावा चली ना बहाना |
ला खाला आपन नुन रोटी खाना |
पहिन झूलनी बनबो तोहार सजनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |

श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286


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12 Comments

  1. Kanchan Dwivedi - June 13, 2020, 12:06 am

    Nice

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 13, 2020, 8:10 am

    Nice

  3. Panna - June 13, 2020, 7:13 pm

    भोजपुरी के कवि को प्रणाम

  4. Pragya Shukla - June 18, 2020, 9:02 pm

    👏

  5. Abhishek kumar - July 11, 2020, 12:13 am

    Good

  6. Satish Pandey - July 12, 2020, 3:45 pm

    वाह वाह

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