मन की पतंग

मन की पतंग
को भी ऐसे उड़ने दे!
की ना कोई उसे बंद,
न कोई उसे उड़ा सके!

मदमस्त, मनमौजी हवा के जैसे
चाहे जहां उड़ान भर सके!
ख़ुशी मिले उसे जहां
वहीं वह अपना डेरा डाल सके!
मन की पतंग
को भी ऐसे उड़ने दे!


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

7 Comments

  1. Abhishek kumar - January 8, 2020, 6:08 pm

    Good

  2. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - January 8, 2020, 8:24 pm

    Nice

  3. NIMISHA SINGHAL - January 9, 2020, 2:31 pm

    Wah

  4. PRAGYA SHUKLA - January 9, 2020, 7:32 pm

    सुंदर

  5. Amod Kumar Ray - January 10, 2020, 6:44 pm

    वाह

  6. देवेश साखरे 'देव' - January 10, 2020, 7:40 pm

    सुन्दर

  7. NIMISHA SINGHAL - January 13, 2020, 2:52 am

    Khub kha

Leave a Reply