ममता किसने भर दी मन में
गाय को बछड़े से ममता है
माँ को बेटे से।
ये ममता किसने भर दी मन में।
ममता जिसने पैदा की वह
ईश्वर सबसे ऊपर है,
ममता का गुण सारे गुण से
ऊपर है बस ऊपर है।
पैदा होता है जब बच्चा
होता है असहाय,
निर्भर पूरी तौर वो माँ पर
ममता रखे ख्याल
ये ममता किसने भरी मन में।
थोड़ा सा भी बालक रोये
विचलित हो जाती है,
कब है भूख प्यास कब है
सब कुछ समझ जाती है।
ये ममता किसने भरी मन में।
ममता काफी कुछ जीवन में
प्यार मुहब्बत देती है,
ममता ही जीवन को देखो
नई दिशाएं देती है।
ममता किसने भर दी मन में।
ममता
Comments
5 responses to “ममता”
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बहुत सुंदर रचना
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बहुत बहुत धन्यवाद
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ममता काफी कुछ जीवन में
प्यार मुहब्बत देती है,
ममता ही जीवन को देखो
नई दिशाएं देती है।
ममता किसने भर दी मन में।
___________ गाय और बछड़े का उदाहरण देकर कवि सतीश जी ने ममता को बहुत ही सुंदर रूप में परिभाषित किया है। बहुत सुंदर अभिव्यक्ति, उम्दा लेखन-
आपके द्वारा की गई इस समीक्षागत टिप्पणी हेतु सादर अभिवादन। बहुत बहुत धन्यवाद
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Very nice poem
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