माँ

बनाकर खुद से खुद पर ही हैरान हो गया,

मेरी माँ की सूरत के आगे वो बेजान हो गया,

भेज दिया जिस पल मेरे घर में माँ को उसने,

उसका खुद का घर जैसे मानो वीरान हो गया,

आसमाँ पर जब तब नज़र चली जाती थी कभी,

आज कदमों में ही माँ के मेरा आसमान हो गया।।

राही (अंजाना)


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

Related Posts

पिता

माँ

माँ

माँ

माँ

2 Comments

  1. Kanchan Dwivedi - March 8, 2020, 5:42 pm

    Nice

  2. मोहन सिंह मानुष - August 22, 2020, 10:55 pm

    सुन्दर प्रस्तुति

Leave a Reply