मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है
मेरी तन्हाई में,मेरे एहसास में
मेरी हर सांस में अभी तक ज़िंदा है तू
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दिल की ज़मी में आज भी
उगते हैं तेरी तमन्ना के दरख्ते
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रोशन हैं उम्मीदें और
ख्व़ाब सजाए हैं पलकों पर
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बेशक तुझसे प्यार बहुत है
तू है नहीं नसीबों में
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फिर भी तुझको देख के
मेरे रुखसार की रौनक बढ़ जाती है
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मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है
ये मेरी बेकरारी और आईना बताता है।
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