मेरा रंग दे बसंती चोला

जिस चोले को पहन भगत सिंह खेले, अपनी जान पे
जिसे पहन कर राज गुरु मिट गए, अपनी आन पे
आज उसी को पहन के देश का बच्चा, बच्चा का बोला
मेरा रंग दे बसंती चोला, माई रंग दे बसंती चोला
ओमप्रकाश चंदेल “अवसर”

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