मेरी बिटिया

🧕 मेरी बिटिया🧕
By Naveen Dwivedi

दिल रो रहा है टूट कर,
कैसी होगी मेरी बेटी ?

इस पातक भरे समाज मे,
खा जाते हैं बोटी-बोटी।
कैसी होगी मेरी बेटी ?

जब छोटी-सी थी वो,
अपने सपने देखे थे।
अम्मा,बापू व परिजन के,
प्रेम में रहती लोटी लोटी।
कैसी होगी मेरी बेटी ?

हुई बड़ी जब अपने आँगन में,
सुमनों सा यौवन था।
फिर समाज की घृणित आँख से,
करते उसको टोका टोकी।
कैसी होगी मेरी बेटी ?

क्या पता था कि ,इक
ऐसा भी दिन आऐगा।
खीच रहा होगा जब चीर दुशासन,
गुल होंगी समाज की सिट्टी पिट्टी।
कैसी होगी मेरी बेटी ?

चीखी भी चिल्लाई थी,
आंखे मौन हुई सब देखी थी।
भीख मांगती थी जीवन की,
कहती सबसे रोती-रोती ।
कैसी होगी मेरी बेटी ?

कैसे सोया होगा आसमां,
कैसी सोई होगी ज़मी।
घर आँगन सब सूना,
लिपट रूह से जब ‘माँ’ है रोती।
कैसी होगी मेरी बेटी ?
कैसी होगी मेरी बेटी ?


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9 Comments

  1. Monu Sharma - December 15, 2019, 11:51 am

    Good

  2. Rahul Rohla - December 15, 2019, 1:17 pm

    Good

  3. Abhishek kumar - December 15, 2019, 1:28 pm

    Good

  4. Abhishek kumar - December 15, 2019, 2:29 pm

    Nice lines

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - December 15, 2019, 5:49 pm

    अतिउत्तम

  6. देवेश साखरे 'देव' - December 15, 2019, 6:21 pm

    सुन्दर

  7. Amod Kumar Ray - December 16, 2019, 1:51 am

    सुन्दर

  8. Pragya Shukla - December 16, 2019, 2:40 pm

    मार्मिक

  9. Poonam singh - December 16, 2019, 2:43 pm

    Nice

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