मेरे दर्द को तो नहीं छुआ……..

अच्छा हुआ या बुरा हुआ

सब पहले ही से है तय हुआ।

कोई दूर से रहा ताकता

कोई पास हो के भी न हुआ।

मेरे दिल पे हाथ तो रख दिया

मेरे दर्द को तो नहीं छुआ।

मेरी बात वो समझा नहीं

जो कहा था मैने बिन कहा।

मुझे अब भी उसकी तलाश है

जो मुझमें है कहीं गुम हुआ।

———सतीश कसेरा


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I am Journalist and Writer. I like Story, Poem and Gazal's

5 Comments

  1. Panna - August 16, 2015, 6:44 pm

    Apratim

  2. satish Kasera - August 16, 2015, 7:15 pm

    Thanks Panna

  3. Abhilasha Shrivastava - September 18, 2019, 4:15 am

    Very well written

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