मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी

दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था
सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था
राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था
हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था

गर्व था देशवासियों को बापू के हुंकार पर
ऐंनक पहने लाठी लेकर देश को आजाद किया
खट्‌ खट्‌ की आवाज में बापू का प्यारा संदेश था
चरखे के बल पर बापू ने रचा स्वर्णीम इतिहास था

गोरों को औकात दिखाया उनके ही चालो में
राष्ट्रहित में ध्वजा फहराकर देश का मान बढ़ाया
बापू के पीछे पीछे हिन्द सेना जब चलती थी
गोरों कि फौज डरें सहमे छिपते फिरती थी

गोरों के अत्याचारों से गली मोहल्ला थर्राया था
बापू ने अपने आंदोलन से गोरों को पस्त किया था
गोरे शैतानों को उनके भाषा में सबक सिखाया
बापू के चरणों का मैं शीश झुका वन्दन करता हूं

महेश गुप्ता जौनपुरी

Related Articles

मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधीजी दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था हिंदुस्तान के…

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

जंगे आज़ादी (आजादी की ७०वी वर्षगाँठ के शुभ अवसर पर राष्ट्र को समर्पित)

वर्ष सैकड़ों बीत गये, आज़ादी हमको मिली नहीं लाखों शहीद कुर्बान हुए, आज़ादी हमको मिली नहीं भारत जननी स्वर्ण भूमि पर, बर्बर अत्याचार हुये माता…

Responses

New Report

Close