मेरे बापू गांधी जी

मेरे बापू गांधी

दयावान मृदु भाषी बापू का स्वभाव था
सत्य अहिंसा मेरे बापू का हथियार था
राष्ट्रवादी शांतिप्रिय बापू का उपदेश था
हिंदुस्तान के मर्यादा का बापू को ज्ञान था

गर्व था देशवासियों को बापू के हुंकार पर
ऐंनक पहने लाठी लेकर देश को आजाद किया
खट्‌ खट्‌ की आवाज में बापू का प्यारा संदेश था
चरखे के बल पर बापू ने रचा स्वर्णीम इतिहास था

गोरों को औकात दिखाया उनके ही चालो में
राष्ट्रहित में ध्वजा फहराकर देश का मान बढ़ाया
बापू के पीछे पीछे हिन्द सेना जब चलती थी
गोरों कि फौज डरें सहमे छिपते फिरती थी

गोरों के अत्याचारों से गली मोहल्ला थर्राया था
बापू ने अपने आंदोलन से गोरों को पस्त किया था
गोरे शैतानों को उनके भाषा में सबक सिखाया
बापू के चरणों का मैं शीश झुका वन्दन करता हूं

महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

33 responses to “मेरे बापू गांधी जी”

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय श्री

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय श्री

  1. Good poem Mahesh jaunpuri

  2. Gandhi is great and national father

  3. Drx Nagesh Gupta

    Nice poetry

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      Thanks

  4. Pratima kharwar

    very nice poetry

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद

  5. Jai hind Yadav

    Nice..

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      धन्यवाद

  6. APL Raj

    बहुत अच्छा

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय श्री

  7. Mohit Sharma Avatar
    Mohit Sharma

    Bahut khoob

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय श्री

  8. वाह बहुत बढ़िया प्रस्तुति

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद

  9. क्या बात है बहूत सुंदर जी

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
      महेश गुप्ता जौनपुरी

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय

  10. Very nice poem god bless you

  11. Prince Wahid

    Very Nice

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