मैं आज़ाद हूँ

मैं आज़ाद हूँ

मैं आज़ाद हूँ ,
तुम लोग मुझे पागल कहोगे ,
मैं आज़ाद हूँ आपसी घृणा से ,
आपसी बैर से ,
मैं आज़ाद हूँ

मैं आज़ाद हूँ ,
धन का मेरा कोई मोल नहीं हैं ,
मन का मोल ही सब कुछ मेरा हैं ,
मैं आज़ाद हूँ ,
तुम लोग मुझे पागल कहोगे


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2 Comments

  1. Kavi Manohar - July 20, 2016, 11:12 pm

    Nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 5:35 pm

    वाह बहुत सुंदर

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