कोई काली कमा के रईस हो जाता है
कोई सबकुछ लुटा के रईस हो जाता है
दुनिया का दस्तूर निराला है
यहां तो दिल का लुटेरा भी रईस हो जाता है|
रईस
Comments
9 responses to “रईस”
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shaandaar
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shukriya
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nice one anjali
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thanks
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WAAH…. GAZAB
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shukriya janaab
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वाहहह!
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वाह बहुत सुंदर रचना
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Shahi h
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