राहें खत्म होती ही ‌नहीं….

राहें खत्म होती ही नहीं,
इस जिंदगी की,
हर मोड़ पर नया हुजूम
मेरा इंतजार करता है,
मु‌ड़ जाऊं इस राह से,
खामोशी को तोड़कर ,
आगे बढ़ने को जी चाहता है
मगर यह ऐसा गोल भंवर है,
जिसके घेरे का,
ना कोई अंत है,
ना ही सीमा….


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24 Comments

  1. Geeta kumari - September 21, 2020, 12:35 pm

    वाह, अति सुन्दर

  2. Vasundra singh - September 21, 2020, 12:58 pm

    सुन्दर

  3. Pragya Shukla - September 21, 2020, 2:51 pm

    बहुत खूब

  4. Praduman Amit - September 21, 2020, 7:08 pm

    सही कहा आपने।

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - September 21, 2020, 10:34 pm

    अतिसुंदर

  6. Rishi Kumar - September 21, 2020, 11:13 pm

    👌👌👌

  7. Deep Patel - September 22, 2020, 10:03 am

    नफरत सी होने लगी है इस सफ़र से अब,
    ज़िंदगी कहीं तो पहुँचा दे खत्म होने से पहले।

  8. Deep Patel - September 22, 2020, 10:05 am

    मंजिलें मुझे छोड़ गयी रास्तों ने संभाल लिया,
    जिंदगी तेरी जरूरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया।

  9. Anil Pandey - September 22, 2020, 11:48 am

    Behtreen 👌

  10. मोहन सिंह मानुष - September 22, 2020, 1:18 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियां

  11. Pushpendra Kumar - September 30, 2020, 10:23 pm

    वाह

  12. प्रतिमा चौधरी - September 30, 2020, 10:35 pm

    धन्यवाद

  13. Anonymous - September 30, 2020, 11:47 pm

    Waah bahot badhiya

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