लिख लूँ

गिले आज भी बहुत हैं तुमसे
बस कुछ इम्तिहानों से निपट लूँ ।
तब तक तुम ढूंढ लो बहाने
और मैं शिकायतें लिख लूँ ।


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9 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - June 19, 2020, 7:08 pm

    Nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - June 20, 2020, 3:32 pm

    करता बात है

  3. Master sahab - June 23, 2020, 7:13 pm

    👌

  4. Abhishek kumar - July 10, 2020, 11:26 pm

    क्या बात कही है

  5. Abhishek kumar - July 31, 2020, 2:51 am

    Akshar Prem Mein Gile Shikwe rehte hain aur yah Kavita Mein dikhaya gaya hai

  6. प्रतिमा चौधरी - September 26, 2020, 1:07 pm

    बहुत सुंदर पंक्तियां

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