लफ़्जों को तो हम ढूढ कर ले आये हम

लफ़्जों को तो हम ढूढ कर ले आये हम
अब पराये जज्बातों को कैसे बुलाये हम

Related Articles

दोस्ती

कभी बुलाये प्यार से कभी बुलाये मजाक से ज़िन्दगी की हर घडी ये साथ देती है दोस्ती होती ही ऐसी है दिल होवे गम में…

पहचान

बेकद्रों की महफ़िल मे कद्रदान ढूंढ रहा हूँ अनजान लोगो मे अपनी पहचान ढूंढ रहा हूँ अंधेरा करने वालों से रौशनी की मांग कर रहा…

Responses

New Report

Close