विश्वास है हिल जाता

है मुश्किल तो ख़ुद का साथ निभा

यह दुनिया तेरा साथ क्या निभाएगी

मुश्किलो में इसका विश्वास है हिल जाता

खुदा पे भरोसा इसका इक पल में टूट जाता

…… यूई

Comments

4 responses to “विश्वास है हिल जाता”

  1. Kanchan Dwivedi

    Nice

  2. Satish Pandey

    वाह वाह

  3. Beautiful poetry 

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