सोने दो

जो भी हो रहा है मेरे यार होने दो,
जो जाग ही नहीं रहे उन्हें सोने दो,

उतर जाने दो सवालों का पहिया,
मेरे दिल को दिल से उत्तर देने दो,

हँसने दो हालत पे मेरी लोगों को,
तुम मुझे मेरी ही मस्ती में रोने दो,

दब रहे हैं एहसानों के वजन से,
छोड़ो व्याज़ मूल के पत्थर ढोने दो,

न दिन न रात में मुलाक़ात हुई है,
सुनो मुझे ख्वाब में उनके खोने दो।।

राही अंजाना

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17 Comments

  1. nitu kandera - November 17, 2019, 11:00 am

    वाह

  2. देवेश साखरे 'देव' - November 17, 2019, 11:25 am

    वाह

  3. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - November 17, 2019, 11:44 am

    सुंदर

  4. Ashmita Sinha - November 17, 2019, 3:01 pm

    Nice

  5. Poonam singh - November 17, 2019, 5:36 pm

    Nice

  6. NIMISHA SINGHAL - November 17, 2019, 7:00 pm

    Nice

  7. Neha - November 18, 2019, 8:12 pm

    Waah

  8. Abhishek kumar - November 23, 2019, 10:29 pm

    Good

  9. Neha - November 24, 2019, 7:54 pm

    Wah

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