स्वतंत्रता दिवस

हो गए आज़ाद मगर क्या खोया क्या पाया है।
आज़ादी के पंखों पर आतंक का गहरा साया है।
शहीदों को श्रद्धांजलि सच्ची होगी यही अब के,
कम न होने देंगे आन,शान अपना यही सरमाया है।
जागो खुद भी नव चेतना ऐसी जगाओ तुम,
आपस में लड़ कर हर किसी ने खुद का घर जलाया है।
एक हैं हम एक रहेंगे यह नारा भी लगाना है,
लहु वीरों का बहते देख दिल अपना भर आया है।
न हो जाया कुर्बानी अब वतन के शहीदों की,
घर घर तिरंगा लहराएगा बच्चा बच्चा दोहराया है।।।
कामनी गुप्ता ***

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