हार भी स्वीकार

हम जो
चाहें वो कर सकते हैं ।
बस हौंसला बनाकर रखना
चाहिए ।
जरूरी नही
जीत ही हांसिल हो,
हार भी स्वीकार
करनी चाहिए ।

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