हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे |

चैत्र नव रात्र के अवसर पर देवी भजन
हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे |
लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
भक्त पड़ा है आज माता चरन तुम्हारे |
निर्मल भाव माता निर्मल है काया |
चरणों मे तेरे मैंने सिर को झुकाया |
तेरे सिवा माता रहु मै किसके सहारे |
लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
जग ने ठुकराया मुझको किसी ने न पुकारा |
तेरे शरण मे मिला मुझको आज है सहारा |
बीच भवर मे नईया मेरी लगाओ अब तो किनारे |
लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
करू कितनी गलती आखिर बेटा माँ मै तेरा |
कर दो माफ गलती मेरी बेटा माँ मै तेरा |
छोदूंगा कभी ना माँ मै कभी पाँव तुम्हारे |
लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
जब भी पुकारा तुमको माता गले है लगाया |
रोता आया जब भी माता तूने है मुझे हँसाया |
भारती है बेटा माता हरदम है तुझको पुकारे |
लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

Responses

New Report

Close