हैसियत बना डाली

‘अब इतनी ऊँची अपनी हैसियत बना डाली,
कभी न खत्म हो वो कैफियत बना डाली..
तेरी यादें, तेरी हसरत का वो एहसास जुदा,
पुरानी चीज़ें थी बस मिलकियत बना डाली..’

– प्रयाग

मायने :
कैफियत – उल्लेख
मिलकियत – प्रॉपर्टी

Related Articles

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

यादें

बेवजह, बेसबब सी खुशी जाने क्यों थीं? चुपके से यादें मेरे दिल में समायीं थीं, अकेले नहीं, काफ़िला संग लाईं थीं, मेरे साथ दोस्ती निभाने…

Responses

  1. बहुत ही सुन्दर ।
    निर्माण की प्रवृत्ति एक खास पहचान दिलाती है
    अपवादों में भी जीना सिखाती है

New Report

Close