अपनेमन में

खुद को संभाल पाते, इस लायक ही कहाँ छोङा है
कई अपनों ने ही, अपनेपन में, अपना बन, दिल तोङा है

Comments

6 responses to “अपनेमन में”

  1. वाह वाह, अनुप्रासिक छठा और ध्वनि की सुरम्यता। वाह वाह

    1. सादर आभार

  2. बहुत बढ़िया

  3. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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