अब हमारे तेवर
कम हो गए हैं,
क्योंकि अब तुम्हारे
हम हो गए हैं।
अब कहाँ समय
जो कि बेकार घूमें
तुम्हारी मुहब्बत में
हम खो गए हैं।
अब हमारे तेवर
Comments
14 responses to “अब हमारे तेवर”
-

Nice lines
-
सादर धन्यवाद जी
-
-

Very nice, wow
-
Thank you ji
-
-
सुंदर
-
सादर आभार
-
-

Very nice
-
बहुत बहुत धन्यवाद प्रज्ञा जी
-
-

बहुत खूब
-
धन्यवाद जी
-
-
बहुत सुंदर श्रृंगारिक रचना…. बेहतरीन प्रस्तुति ।
.-
बहुत बहुत धन्यवाद, आभार, अभिवादन, गीता जी
-
-

सुन्दर प्रस्तुति
-
बहुत बहुत धन्यवाद
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.