अभी कुछ दिन और

विद्यालयों में रौनक लग गई,
देखो फ़िर से कक्षाएं लग गई।
फ़िर से बच्चों का है शोर,
प्री बोर्ड का अब है जोर।
बच्चों मास्क लगाकर आओ,
शिक्षा संग सेहत भी पाओ।
मिल-जुल कर रहो हम ही कहते थे,
लेकिन बीता अब वो दौर।
दूर-दूर सब की सीट लगी है,
एक ओर नीतू बैठी है,मेघा बैठी है दूजे छोर।
बीतेगा एक दिन यह भी दौर।
आएगी फ़िर से नई एक भोर,
मास्क लगाकर दूरी बनाकर,
बैठो अभी कुछ दिन और।
_____✍️गीता

Comments

4 responses to “अभी कुछ दिन और”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर रचना

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

  2. बहुत खूब, कवि गीता जी की बहुत सुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत आभार सतीश जी, हार्दिक धन्यवाद

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